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दयालु बकरियां    
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दयालु बकरियां

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दयालु बकरियां

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

एक छोटे से गांव में एक नदी थी जिस पर एक संकरा पुल था। पुल इतना संकरा था कि दो लोग इसे एक साथ पार नहीं कर सकते थे।

एक दिन दो कुत्ते नदी के दोनों किनारों से पुल पार कर रहे थे। दोनों बीच में आकर मिले लेकिन दोनों एक दूसरे को पार नहीं कर सकते थे क्योंकि जगह अधिक नहीं थी। कुत्तों को गुस्सा आ गया और उन्होंने एक दूसरे पर गुर्राना और भौंकना शुरू कर दिया, कोई भी कुत्ता दूसरे को रास्ता देने के लिए तैयार नहीं था। जल्द ही दोनों लड़ने लगे और पुल से गिर गये। छपाक!

दोनों नदी में गिर गये। दुखी और शर्मिंदा, दोनों तैरते हुए किनारे पर आये।

कुछ समय बाद 2 बकरियां, 1 सफेद और एक 1 भूरी, विपरीत दिशाओं से पुल पार कर रही थीं। कुत्तों की ही तरह वे भी बीच में मिलीं और एक दूसरे को पार नहीं कर सकती थीं। लेकिन लड़ने - झगड़ने की जगह, सफेद बकरी पुल पर झुक गई, भूरी बकरी उसके ऊपर से कूद कर निकल गई और चल कर दूसरे किनारे पर पहुंच गई। इसके बाद सफेद बकरी खड़ी हुई और उसने खुशी खुशी पुल पार कर लिया।

तो ... ज्यादा समझदार जानवर कौन है?

हमेशा ध्यान रखें, लड़ने और झगड़ने से किसी समस्या का समाधान नहीं होता है। हमेशा एक दूसरे के प्रति दयालु रहना चाहिए और अच्छा व्यवहार करना चाहिए।

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