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खरगोश और कछुए की कहानी    
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खरगोश और कछुए की कहानी

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खरगोश और कछुए की कहानी

 

Tortoise and Hare Racing

 

बहुत वक़्त पहले कुछ दूरी पर एक खेत था जहा पर उछलता हुआ खरगोश और सुस्त कछुआ रहते थे.

खरगोश का नाम नोएल था और कछुए का आर्किबल्ड. आर्किबल्ड को बैठना और धीरे से खाना पसंद था. लेकिन नोएल को तो जल्दी खाना पसंद था. खाने के बाद वो आर्किबल्ड का तेज़ी से चक्कर लगा था था जब तक के उसे खुद चक्कर नहीं आजाते.

एक दिन उनकी लड़ाई होगयी ...

"मैं इस दुनिया का सबसे तेज जानवर हूँ," नोएल ने कहा. "मैं एक मुखर चीते से, लात मारते हुए कंगारू से और छोटे खरगोश से ज़्यादा तेज़ हूँ!"

"चुप रहो," आर्किबाल्ड ने कहा. "इतना गुरूर! अगर देहां नहीं रखा तो मुश्किल में आजाओगे."

"तो फिर मुश्किल कहा है? यहाँ से दूर है क्या?"

आर्किबल्ड ने उसके बात पे ना देहां देते हुए वापस अपना सलाद खाने लगा.

"तुम दोनों लड़ना बंद करो," एक काले कौवे ने उड़ते हुए कहा.

"नहीं, यह एक गंभीर मामला है," नोएल ने जवाब दिया. "मैं सबको साबित कर दूंगा की मैं इस पूरी दुनिया का सबसे तेज़ जानवर हूँ."

"ठीक है, " आर्किबल्ड बोला. "समझदार उल्लू, वालिस को मैं बोल दूंगा की वो इस रेस की तैयारी करे ..."

उल्लू ने अगले दिन वही किया. सब जानवर ने अपने सबसे अच्छे कपड़े पहने और खेत में चले गए. उन्होंने खरगोश और कछुए को प्रोत्साहित करने की तैयारी की और एक झंडा उठाया.

फिर रेस शुरू होगयी.

धीरे धीरे आर्किबल्ड चलने लगा और दूसरी ओर नोएल तेज़ी से भागने लगा. कुछ ही देर में वो नज़र ही नहीं आरहा था. वो इतना दूर चला गया था की जब उसने पीछे मुड़के देखा तो आर्किबल्ड भी कही नहीं दिख रहा था.

"उफ़!" नोएल सोचा. "मैं तो आसानी से यह रेस जीत जाऊंगा. मुझे लगता है की मुझे थोड़ी देर के लिए सो जाना चाहिए, कितनी गर्मी है आज." नोएल फिर आराम से सोगया.

इतनी ही देर में आर्किबल्ड धुप का मज़ा ले रहा था और कभी कबर घास भी खा रहा था. वो धीरे धीरे चलता गया, चलता गया, चलता गया. कभी एक पेड़ या कभी एक पल को पार करते हुए आर्किबल्ड बस चलता गया. यहाँ तक की वो नोएल को भी पार कर गया.

वो रेस के अंत तक पहुचगया जहा पर उल्लू वालिस और बाकी सारे जानवर खड़े थे. जानवर ने आर्किबल्ड को घेर लिया और चीकते हुए कहा,

"शाबाश! शाबाश! तुम जीत गए!"

नोएल चीखने और चिल्लाने की आवाज़ से उठगया.

"अरे! यह क्या हो रहा है? यह शोर कैसी? खैर, मुझे यह रेस ख़तम करना चाहिए और घर जाकर खाना खा लेना चाहिए."

नोएल रेस के अंत तक भागा. लेकिन जब वो आया तो वो चौक गया. आर्किबल्ड को पदक मिल रहा था.

"यह नहीं हो सकता! इसने ज़रूर कोई बदमाशी की होगी," नोएल ने रो कर कहा. "सब जानते है की मैं उससे ज़्यादा तेज़ हूँ!"

"आर्किबल्ड ने कोई बदमाशी नहीं की," वालिस ने कहा. "वो सही में जीत गया है. धीरेसे, लेकिन विश्वास के साथ, हार ना मानते हुए उसने रेस ख़तम किया. माफ करना, नोएल लेकिन तुम हार गए हो. इससे सबक सीखो - वक़्त और धैर्य से ही रेस जीता जाता है."

नोएल बहुत निराश लग रहा था. आर्किबल्ड को नोएल का उदास चेहरा देख कर बुरा लगा.

"कोई बात नहीं, यह रेस ही तो था. मुझे यकीन है की तुम अगली रेस ज़रूर जीतोगे. और धुप में रेस करने से तो अच्छा है की हम दोनों बस दोस्त बनकर रहे."

उस दिन से वो दोनों बहुत अच्छे दोस्त होगये और नोएल ने फिर कभी गुरूर नहीं दिखाया.

 

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